गुरु उपदेश

जीव मार जोर करे खाते करे वखाण 
पीपा पन्ति देखलो थाली मे चमसोण
उस उज्जालो दीप की सब जग फैली जोत
पीप अन्तर नोक सु मन  उज्जालो होवे    


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